आज नवरात्रि का चौथा दिन:कुष्मांडा की सीख मुस्कान के साथ करे बड़े काम की शुरुआत; देवी को चढ़ाए कद्दू के पेठे..
आज नवरात्रि का चौथा दिन:कुष्मांडा की सीख मुस्कान के साथ करे बड़े काम की शुरुआत; देवी को चढ़ाए कद्दू के पेठे..
आज (6 अक्टूबर) माँ दुर्गा की चौथी शक्ति कुष्मांडा की पूजा का दिन है। कुष्मांडा बहुत जल्दी प्रसन्न होने वाली देवी हैं। देवी ने इस स्वरूप में लाल, पीले और हरे रंग के वस्त्र धारण किए हैं, इसलिए इनकी पूजा में भक्तों को लाल, पीले या हरे रंग के कपडे पहनना चाहिए।
सुबह स्नान के बाद घर के मंदिर में देवी की पूजा और व्रत करने का संकल्प लें। पूजा करें और दिनभर व्रत रखें। देवी मंत्रों का जप करें। शाम को फिर से देवी की पूजा करने के बाद व्रत खोलें। हमारे शरीर मे सप्त (सात) चक्र हैं, इन सात चक्रों में से देवी कुष्मांडा अनाहत चक्र में वास करती हैं।
⚫️देवी कूष्मांडा की कथा
देवी पुराण के अनुसार, सृष्टि के जन्म से पहले अंधकार का साम्राज्य था। उस समय आदिशक्ति जगदम्बा देवी, कूष्मांडा के रुप में सृष्टि की रचना के लिए जरूरी चीजों को संभालकर सूर्य मण्डल के बीच में विराजमान थी। जब सृष्टि रचना का समय आया तो इन्होंने ही ब्रह्मा विष्णु और शिव जी की रचना की।
डेस्क न्यूज
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